Golden Meditation Golden Meditation

The most unique method, no meditation, no spirituality, no religion in itself. A special art of running a human life smoothly is ‘The Golden Meditation’ In this art, using one of the armbands that arises from the body can increase the desire accordingly. Relations can be corrected. This is the process of keeping yourself healthy. In this, the master sends the special process through the smell of your body, increasing it several times, with a special action in one part of your brain. After that, the ‘Ghoomar’ meditation method is sent through special currencies to the desired information goal. Its parent, Mr. S.K. Saini Ji, Sad-guru Shri Satyanand ji dedicated this to the public in 2010.

To learn: By being present in the two-day workshop itself can be learned. The Shaktipat process, the people of any country religion, and even a less educated person can also learn.

द गोल्डन मेडिटेशन स्वर्णिम ध्यान

अपने आप में अनोखी सबसे अलग पद्धति, न ध्यान, न आध्यात्म, न धर्म। मनुष्य के जीवन को सुचारु रूप से चलाने की एक विशेष कला है ‘द गोल्डन मेडिटेशन’। इस कला में शरीर से निकलने वाली गंधो में से एक का प्रयोग कर व्यापार में इच्छा अनुसार वृद्धि की जा सकती है। सम्बन्धो को सुधारा जा सकता है। यह स्वयं को निरोग रखने की प्रक्रिया है। इसमें मास्टर विशेष प्रक्रिया द्वारा आपके शरीर की गंध लेकर, उसे कई गुना बढ़ाकर, एक विशेष क्रिया से आपके मस्तिष्क के एक हिस्से में भेज देता है। तत्पश्चात् विशेष मुद्राओ के जरिये ‘घूमर’ ध्यान विधि से इच्छित सूचना लक्ष्य तक भेज दी जाती है। इसके जनक श्री एस.के. सैनी जी, सद्गुरु श्री सत्यानंद जी ने 2010 में इसे जनसामान्य को समर्पित किया।
सीखने के लिए: दो दिवसीय कार्यशाला में स्वयं उपस्थित होकर सीखा जा सकता है। शक्तिपात प्रक्रिया, कोई भी देश धर्म जाति के व्यक्ति, यहाँ तक की कम पढ़े-लिखे व्यक्ति भी सीख सकते हैं।