हुंकारा विद हलीम

हुकरा– यह शिव पुराण से लिए गए इस शब्द को शिव पार्वती कथा से जोड़ा जाता है । वहीं तोता मैना के किस्सों से या फिर

अदृश्य मानसिक शाक्ति के जिन्न के रूप में इसे सहज़ ही प्राप्त किया जा सकता है । हुंकारा लग भग ३,८०,००० मंत्रो की तरंगो को अपने में समेटे हुए इसे प्रयोग करने से दूर दृष्टि प्राप्त होती है ।
आज किये गये कार्यो के भविष्य में क्या परिणाम रहेंगे ।
यह हुंकारा इसी पर कार्य करेगा ।

हलीम

यह अरबी भाषा से लिया गया शब्द है अपने आप में (११–१५) पांच मुद्रा एव १,३४,००० मंत्रो की तरंगो को समेटे हुए शरीर में होने वाले रोगो से सुरक्षा प्रदान करता है,मानसिक दबाव के कारण शारीरिक अंगो को पहुंचने वाले नुकशान से तुरंत बचाता है
1 – यह पांच त्रिकोण पञ्च तत्व पर आधारित है
2 – नकारात्मक सोच, तनाव आदि के कारण उत्त्पन्न हुए प्रभाव व रोगो को कम करता है विकृत Particals को तोड़ कर नष्ट करता है ।
3 – Blockage नष्ट करता है ।
4 – निर्णय लेने की क्षमता वृद्धि करता है ।
5 – जल्दी निर्णय लेते समय कार्य करता है ।

साध्या

१-साध्या – लक्ष्य साधने के लिए
२- योल -पति पत्नी सम्बन्ध बनाने के लिए
३-बुद्धिकारी -बुद्धि को तीब्र बनाने के लिए
४-अग्निवेश बढ़ाने के लिए साथ सेयर मार्केटिंग वालो के लिए उत्तम

हुंकारा विद हलीम

ट्रिन्टी सर्कल वर्कशाप जहां 5 से 25 वर्ष तक शिक्षा के क्षेत्र में बच्चो के विकास के लिए सफलतापूर्वक कार्य करता है वहीं हुंकारा विद् हलीम 5 से 60 साल तक के व्यक्ति के लिए मानसिक शक्ति का विकास करता है। तीन प्रतीक चिन्हो के जरिए जीवन को सुखमय बनता है।
इसके लाभ :
1. मानसिक शक्ति का विकास एवं केन्द्रीकरण
2 . याद्दाश्त शक्ति का विस्तार
3 . दूर दृष्टि, भविष्य में सुखद परिणाम हेतु निर्णय
4 . शरीर में रोजमर्रा की तकलीफों से छुटकारा
5 . बौद्धिक क्षमता, पति-पत्नी सम्बन्ध, शेयर मार्किट, कमोडिटी में लाभ एवं सुखद परिणाम
सीखने के लिए : एक दिवसीय तीन घंटे की वर्कशाप में सीखा जा सकता है।