LAMA FERA

Infinity Consciousness Healing

LAMA FERA

The problem of children’s education increases the anxiety of every parent so many parents become victims of diseases. Every parent wants that the future of their ninja Halas be safe immediately.

They have a very important role in the formation of country religion away from the wrong habits and they can be proud of them. It is only reasonable if only he works hard every day by cutting his belly and making every effort to get them higher education. What can children do, even after reading lakhs, do not remember, sports, TV, entertainment, friends, handmade work in mother’s work, toshana, school father, little life, a lot of work.

This is the age to do everything and this age is the creation of a beautiful future and this is the age. At the same time, the development of the body is at the peak of physical changes. The game of balance-imbalance of juice chemistry, hormones. Because of which the child knows, he misses even when he wants. This workshop has been started by the worship of Lord Ganesha, Tapeshwari, by its incorporation of Sampradan initiation, and Hankara Vidheleim. In the workshop only 2 hours, your child develops rapidly.

BENEFITS

Release depression, fear in dreams, unknown fears, all types of chronic diseases, memory loss, reduces adverse effect of tantra mantra, protects from untimely death. Releases negative energy from the atmosphere of house, shop and factory, protection in future at mental, physical and emotional level.

lama

लामा -फेरा :

“लामा” अर्थात् सदगुरू और उसके द्वारा जीवन से मृत्यु का सफर, स्वस्थ, निरोगी, बिना तनाव, आंतरिक एवं बाह्य विचारों के अत्याधिक दबाव से मुक्त जीवन प्राप्त करते हुए तय करने की प्रक्रिया है।

इसमें बौद्ध दर्शन एवं प्रतीक चिन्हों के रूप में अघोर तंत्र के महावज्रयान से प्राप्त शालविक मंत्र रहस्य को उपयोग किया गया है। ढाई चक्कर एवं बारह प्रतीक चिन्हों की इस आद्वितीय विधि से डिप्रेशन, वैचारिक, मत-भेद, भूत-प्रेत, टोना-टोटका, शक एवं घरेलू समस्याओं का निदान किया जा सकता है।

मृत्यु के अन्तिम पड़ाव पर दुखों कष्टों से मुक्ति, आत्माओं की मुक्ति के लिये सबसे कारगर एवं तेज प्रणाली है।

असाध्य रोगो में निराशा को दूर करने की प्रभावशाली इस प्रक्रिया को कोई भी व्यक्ति आसानी से एक दिन की कार्यशाला में सीख सकता है।

इस तकनीक को दूर बैठकर भी सीखा जा सकता है तथा दूर बैठे व्यक्ति का उपचार करने के साथ-साथ घर, मकान, दूकान फैक्ट्री आदि का उपचार भी किया जा सकता है।

एक सतत् खोज लामा फेरा मानसिक एवं वैचारिक दबावों से उत्पन रोग के कारण उत्पन दबावों से मुक्त करने की उपचार प्रक्रिया है I इसमें शालविक मंत्र रहस्य के 45 प्रतीक चिन्हो, जो लगभग 4,50,000 मंत्रों की तरंगो के आधार पर निर्मित हैं को 12 विशेष प्रतीक चिन्हो में परिवर्तित कर उपयोग किया जाता है I
इस पद्दत्ति को गुरु माँ तपेश्वरी नन्दI जी द्वारा जनसामान्य को समर्पित किया गया I अब तक देश विदेशों में इसके हजारों मास्टर लगातार लोगों को प्रशिक्षित कर रहे हैं और उपचार द्वारा लाखों लाभान्वित हुए हैं I
आज यह दुनिया की नं. 1 उपचार पद्दत्ति है जो विश्व के सभी देशों में आसानी से उपलब्ध है क्योंकि लामा फेरा का अर्थ ही अपने आप में महत्व रखता है I ‘लामा’
अर्थात् सद्गुरु और ‘फेरा’ अर्थात् सद्गुरु की तकनीक जिसके द्वारा मृत्यु से जीवन-जीवन से मृत्यु दोनों ही सफर सुखमय वैभवशाली एवं आनंदमय हो जाते हैं

इसके लाभ :-

डिप्रेशन, तनाव, सपनों में डरना, अनजाने भय, सभी प्रकार के असाध्य रोगों, याद्दास्त कम होना, भुत-प्रेत, टोना-टोटका तंत्र-मंत्र के प्रभाव से पूर्ण मुक्ति, असमय मृत्यु या दुर्घटनाओं से रक्षा